
इंदौर. महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग द्वारा मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की अनुमति से राष्ट्रीय स्तर की सतत चिकित्सा शिक्षा का आयोजन किया. इसमें देशभर से करीब 290 चिकित्सकों ने पंजीयन कर भाग लिया, जिनमें 70 डॉक्टर ऑफलाइन और 220 डॉक्टर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े.
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि सीएमई में फोरेंसिक मेडिसिन, स्त्रीरोग विभाग और मेडिकल ऑफिसर्स ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में लैंगिक अपराध के मामलों में चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया, परीक्षण के बाद विशेषज्ञ अभिमत देने के तरीके और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही गर्भ के चिकित्सकीय टर्मिनेशन की परिस्थितियां, अधिकृत चिकित्सक और अस्पतालों से जुड़े नियमों पर भी विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया. इसके अलावा टेस्ट ट्यूब बेबी, सरोगेसी और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से संतान प्राप्ति तथा उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा हुई. यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा सीएमई रहा, जिसमें फोरेंसिक मेडिसिन और स्त्रीरोग विभाग के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए और कार्यक्रम को ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में आयोजित किया. सीएमई के आयोजन अध्यक्ष डॉ. बजरंग कुमार सिंह और आयोजन सचिव डॉ. अंकित पांडे जैन रहे. विषय विशेषज्ञों में डॉ. सुमित्रा महाजन, डॉ. बजरंग कुमार सिंह, डॉ. मोनिका वर्मा, डॉ. तपन सिंह पेंड्रो, डॉ. शिवानी जोशी और डॉ. सुनील कुमार सोनी शामिल रहे. अधिष्ठाता डॉ. अरविंद घनघोरिया के प्रोत्साहन से आयोजित इस कार्यक्रम को एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव, एमआरटीबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव और स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल का मार्गदर्शन मिला.
