इंदौर: जिले के बेटमा थाना क्षेत्र में हुए आत्महत्या के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. मृतक नानूराम को लगातार प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है.प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर हिदायत उल्ला खान की अदालत ने आरोपी लाखन चौहान पिता अंबाराम चौहान निवासी बेटमा को दोषी ठहराया.
न्यायालय ने आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया. शासन की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विशाल गुप्ता ने की. अभियोजन के अनुसार वर्ष 2020 में थाना बेटमा पुलिस को सूचना मिली थी कि नानूराम ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी, जांच के दौरान मृतक की पत्नी सरजूबाई, पुत्र अजय, मां मांगीबाई और काका मोहन के बयान दर्ज किए गए.
सभी गवाहों ने बताया कि आरोपी लाखन चौहान द्वारा नानूराम को लगातार परेशान किया जा रहा था और मारपीट व झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं. जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतक के बीच पूर्व में विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने नानूराम, उसके बेटे और बहू के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद से आरोपी लगातार जेल भिजवाने और मारपीट की धमकियां देकर नानूराम को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था.
इसी प्रताड़ना से तंग आकर नानूराम ने आत्महत्या कर ली थी, पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर विवेचना पूर्ण होने के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिस पर सुनवाई उपरांत न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई.
