भोपाल। मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प और हैण्डलूम उत्पादों को नई पहचान और व्यापक बाजार दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस पहल शुरू की है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने बताया कि विभागीय ब्रांड मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद अब प्रदेश की पर्यटन इकाइयों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और अन्य चयनित स्थानों पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित कर विक्रय के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक साड़ी पहनने की समृद्ध संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजनों को प्रदेश के अन्य शहरों में भी आयोजित किया जाएगा।
जायसवाल ने बताया कि बीते दो वर्षों में रेशम उत्पादन को नए जिलों तक विस्तार देने और निजी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों के लिए जीआई टैग से जुड़ी जानकारी का संकलन भी किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने हेतु प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टॉल का चयन हुआ है, जिनकी विदेशी दूतावासों से भी मांग आ रही है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होकर नई उपलब्धि दर्ज कर रहा है।
