
विनय असाटी दमोह। कोतवाली थाना क्षेत्र के हजारी की तलैया में शनिवार सुबह हजारों की संख्या में मछलियां मृत पाई गई. जैसे ही रैकवार समाज के लोगों को जानकारी लगी वह तालाब पहुंचे उसके बाद बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे. रैकवार समाज के लोगों ने पानी में जहर मिलाने का आरोप लगाया है. दोपहर में कोतवाली पुलिस व जिला प्रशासन की टीम मौके पर जांच करने पहुंची और पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा है. साथ ही जिला प्रशासन ने पानी के उपयोग पर पूर्णता रोक लगा दी है.
जानकारी देते हुए नीरज रैकवार ने बताया कि वह मछली पालन का काम करते हैं. हजारी की तलैया में 2 लाख मछली का बीज डाला गया था.लगातार मछलियों की ब्रीडिंग और लाखों की संख्या में यहां मछलियां हो गई थी. शनिवार सुबह हजारों की संख्या में तालाब में मछलियां मृत मिली जो पानी के ऊपर तैर रही थी.जैसे ही उन्हें सूचना मिली वह मौके पर पहुंचे उसके बाद कोतवाली जाकर पुलिस को आवेदन दिया है.उन्होंने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा पानी में जहर मिलाया गया है जिससे मछलियों की मौत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि पानी जहरीला है और मछलियां भी जहरीली हो गई है. यदि कोई जानवर पानी पी ले या कोई मछली खा ले और किसी के साथ कोई घटना हो जाए तो इसमें उनकी कोई जवाबदारी नहीं रहेगी.
जांच करने पहुंचे कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया की हजारी की तलैया में मछलियां मृत होने की जानकारी लगी थी. एसडीएम और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ वह जांच करने पहुंचे हैं. पीएचई के अधिकारियों द्वारा पानी का सैंपल लिया गया है साथ ही पानी में दबा का छिड़काव किया गया है. ठेकेदार ने मछली में जहर मिलाने का आरोप लगाया है इसकी जांच की जा रही है.पानी में कुछ दवा का छिड़काव भी किया गया है प्रथम दृष्टया ऑक्सीजन की कमी होने से भी मछलियां मृत हो सकती हैं.जिला प्रशासन ने पानी के उपयोग पर रोक लगा दी है.जब जांच रिपोर्ट आ जाएगी उसके बाद पानी का उपयोग किया जाएगा.
