विधायक के जाति प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच मामले में फैसला सुरक्षित

जबलपुर: खंडवा से भाजपा विधायक कंचन तन्वे के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष आवेदक की ओर से उनके जाति प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच के लिये आवेदन पेश किया गया था। जिस पर उभयपक्षों के तर्क पूरे होने पर न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
यह चुनाव याचिका खंडवा अम्बेडकर वार्ड निवासी कुंदन मालवीय की ओर से दायर किया गया है।

जिसमें भाजपा विधायक कंचन तन्वे के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। आवेदक का कहना है कि श्रीमती तन्वे ने खंडवा की भाजपा सीट से वर्ष 2023 मेंं उम्मीदवार थी, उक्त सीट एससी के लिये आरक्षित थी। आरोप है कि अनावेदिका ने जो जाति प्रमाण पत्र पेश किया है, वह फर्जी है, क्योकि उक्त जाति प्रमाण पत्र का कोई प्रकरण क्रमांक नहीं है, न ही उसकी शासकीय कार्यालय में कोई फाईल है।

इतना ही नहीं उक्त प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम दर्ज है। मामले में राहत चाही गई कि झूठा जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिये। उक्त मामले में पूर्व में हुई गवाही के बाद आवेदक की ओर से जाति प्रमाण पत्र की सत्यता के लिये प्रकरण तलब किये जाने का आवेदन पेश किया गया था। जिसमें बुधवार को उभयपक्ष के तर्क पूरे होने के बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अतुल चौधरी ने पक्ष रखा।

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