नई दिल्ली | कमोडिटी बाजार में आज निवेशकों को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर घरेलू कीमती धातुओं पर पड़ा है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने भी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ गई है।
सोने-चांदी के नए भाव और गिरावट का गणित
घरेलू बाजार में आज सोने की कीमतों में 1.02 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिससे इसका भाव 1,52,304 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। चांदी की स्थिति और भी खराब रही, जिसमें 2.5 प्रतिशत की बड़ी टूट के साथ भाव 2,45,509 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। जानकारों के अनुसार, जब तक सोना 1,53,300 रुपये के प्रमुख स्तर के ऊपर नहीं निकलता, तब तक बाजार पर दबाव बना रहने की प्रबल संभावना है।
निवेशकों के लिए सावधानी की सलाह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर और बॉन्ड यील्ड की मजबूती ने सोने-चांदी की कीमतों पर अतिरिक्त नकारात्मक असर डाला है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि बाजार में अभी अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर बना रह सकता है, इसलिए नई पोजीशन लेने में जल्दबाजी न करें। इस समय किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकारों से परामर्श लेना और भू-राजनीतिक घटनाओं पर बारीक नजर रखना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है।

