इंदौर: भंवरकुआं थाना क्षेत्र स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक में लाखों रुपये के फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर जालसाजों ने एक व्यक्ति के हस्ताक्षरित दस्तावेजों और चेकों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर 22 लाख का ओडी लोन पास करा लिया। लोन की इस बड़ी राशि में से 20.50 लाख की रकम चेक के माध्यम से खुद ही आहरित कर हड़प ली। पीड़ित की शिकायत पर भंवरकुआं थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी संतोष दूधी ने बताया कि बैंकिंग धोखाधड़ी कीयह वारदात फरियादी नवीन कुमार पिता रमेशचन्द्र सोनी निवासी लोधीपुरा के साथ हुई है। पीड़ित नवीन कुमार ने पुलिस को बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा ट्रांसपोर्ट नगर, भंवरकुआं में खाता है।हाल ही में जब उन्होंने अपने ओडी लोन खाते का स्टेटमेंट निकलवाया और उसे चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
स्टेटमेंट के मुताबिक, गत 21 अप्रैल को उनके नाम पर बाईस लाख रुपये का ओडी लोन स्वीकृत किया गया था। इस लोन राशि में से विभिन्न मदों और बैंक चार्जेस की कटौती करने के बाद बची हुई 2,05,000/- की रकम उनके करंट अकाउंट में ट्रांसफर दिखाई गई थी।चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब स्टेटमेंट में यह दर्ज था कि ओडी लोन खाते से जारी किए गए चेक क्रमांक 546231 के माध्यम से बीस लाख पचास हजार रुपये की भारी-भरकम राशि बैंक से आहरित की जा चुकी है।पीड़ित नवीन कुमार ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कभी इस लोन के लिए आवेदन किया, न यह राशि कभी प्राप्त की और न ही उनके द्वारा इस तरह का कोई चेक जारी कर राशि निकाली गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी संतोष श्रीवास्तव एवं आशीष अग्रवाल ने आपस में मिलीभगत और गहरा षड्यंत्र रचा। दोनों आरोपियों ने पीड़ित के पुराने हस्ताक्षरित चेकों और अन्य बैंक दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। आरोपियों ने फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत कराकर पूरी ऋण राशि का गबन कर डाला।
