
इंदौर. बाईपास से मांगलिया की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग मंगलवार रात फिर महाजाम की भेंट चढ़ गया. हालात ऐसे रहे कि वाहन दो किलोमीटर लंबी कतार में फंसे रहे. लोगों ने जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया क्या अब और मौतों का इंतजार है?, आसपास के रहवासी संग बोले अब और कितनी जानें लोगे सरकार.
शहर के बाहरी क्षेत्र में यातायात अव्यवस्था ने एक बार फिर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. बायपास से मांगलिया की ओर जाने वाले व्यास खेड़ी रोड पर मंगलवार को दो घंटे तक लम्बा जाम लग गया. जाम इतना भीषण था कि करीब दो किलोमीटर तक वाहन रेंगते रहे. सबसे बड़ा सवाल यह कि यह सब देखकर भी जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी हैं. स्थानीय रहवासी हंसराज मंडलोई ने नव भारत को बताया कि इस जाम की सबसे बड़ी वजह वह अवैध बैरियर हैं जिसे टोल कंपनी द्वारा सड़क पर खड़ा कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बैरियर अवैध रूप से लगाया गया है ताकि व्यास खेड़ी रोड से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली की जा सके. वहीं उन्होंने दावा किया कि इस गोरखधंधे में टोल कंपनी के साथ कुछ नेता और अफसर भी मिले हुए हैं. उनका कहना है कि इस अवैध व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही के चलते अब तक कम से कम पांच लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी न तो ट्रैफिक को लेकर कोई ठोस इंतजाम किए गए और न ही वसूली करने वालों पर कोई कार्रवाई हुई. क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है और वे पूछ रहे हैं अब और कितनी जानें जाएंगी तब जाकर प्रशासन जागेगा, उनका यह भी कहना है कि यह जाम कोई पहली बार नहीं लगा, पर आज हालात बदतर हो गए. यदि एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड यहां फंस जाती, तो अनहोनी से कोई नहीं रोक सकता था. हंसराज मंडलोई ने स्थानीय लोगों के साथ मांग की है कि व्यास खेड़ी रोड पर लगाए गए अवैध बैरियर को तत्काल हटाया जाए और इस गोरखधंधे में शामिल जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही, इस मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण के स्थायी इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें.
