इंदौर: इंदौर एयरपोर्ट के विकास को लेकर सोमवार को इंदौर एयरपोर्ट परिसर में सांसद शंकर लालवानी की पहल पर एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य यात्रियों को हो रही असुविधाओं का समाधान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय करना था.
बैठक में सांसद शंकर लालवानी की पहल पर दिल्ली से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी शरद कुमार (ऑपरेशन एवं प्लानिंग) तथा अनुराग मिश्रा विशेष रूप से इंदौर पहुंचे और एयरपोर्ट की वर्तमान व्यवस्थाओं, चल रहे कार्यों और प्रस्तावित विकास योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
इससे पहले नार्थ इंडिया इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग के प्रमुख भी इंदौर का दौरा कर चुके हैं. बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर रोशन राय, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, इंदौर एयरपोर्ट के प्रबंधक सुनील मग्गेरवार, एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य बंटी गोयल, कपिल जैन, सावन लड्ढा, तपन अग्रवाल सहित एयरपोर्ट प्रशासन, स्थानीय अधिकारी और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
यह बैठक हाल ही में सांसद लालवानी द्वारा नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से की गई मुलाकात के बाद आयोजित की गई. उस मुलाकात में इंदौर एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव, पार्किंग, सुरक्षा जांच, टर्मिनल क्षमता और भविष्य की चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई थी. मंत्री के निर्देशों के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारी इंदौर पहुंचे और मौके पर स्थिति का आंकलन किया.
दीर्घकालिक प्रोजेक्टस को अंतिम रूप देने पर फोकस
बैठक में एयरपोर्ट की मौजूदा समस्याओं के साथ-साथ सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट से जुड़े दीर्घकालिक प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने पर विशेष फोकस रहा. एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्रस्तुत एजेंडा के अनुसार मल्टी लेवल कार पार्किंग के निर्माण, प्री-एंबार्केशन सिक्योरिटी चेक प्वाइंट के विस्तार, ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए नए व्हीकुलर लेन, नया टर्मिनल भवन, प्रशासनिक भवन, रनवे विस्तार और पैरेलल टैक्सीवे जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता लगभग 40 लाख यात्रियों की है. प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत इसे पहले चरण में बढ़ाकर एक करोड़ यात्रियों तक और दूसरे चरण में ढाई करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता तक ले जाने की तैयारी है. इसके लिए लगभग 89 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी.
मल्टीलेवल कार पार्किंग निर्माण को प्राथमिकता
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पार्किंग क्षेत्र पर अत्यधिक दबाव है, जिससे यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश और निकास के दौरान परेशानी होती है. इसके समाधान के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग के निर्माण को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी. सुरक्षा जांच व्यवस्था को लेकर भी अहम चर्चा हुई. पीक आवर्स में यात्रियों की लंबी कतारों को कम करने के लिए सांसद शंकर लालवानी ने सुझाव दिया कि इंदौर एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी जांच के लिए चार गेट ऊपर और चार गेट नीचे उपलब्ध हैं, लेकिन फिलहाल पूरा यात्री दबाव ऊपर के गेट्स पर ही रहता है. उन्होंने कहा कि नीचे से जाने वाले यात्रियों की सिक्योरिटी जांच नीचे ही की जाए, ताकि भीड़ का संतुलन बने और अव्यवस्था कम हो, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए.
सांसद श्री लालवानी ने बैठक के दौरान कुछ कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी भी जताई. उन्होंने कहा कि एटीआर के लिए पुराने टर्मिनल से संचालन की जो तैयारी थी, वह अब तक पूरी हो जानी चाहिए थी. इसके अलावा रनवे के कारपेटिंग कार्य की धीमी प्रगति पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों से कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. श्र् एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बैठक में सामने आए सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिन विषयों में राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता होगी, उनके लिए समन्वय स्थापित किया जाएगा. एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सावन लड्ढा ने सुझाव दिए कि सूरत, कोची, गुवाहाटी और अमृतसर के लिए फ्लाइट शुरू की जाए. साथ ही इंटरनेशनल कनेक्टविटी बेहतर करने की आवश्यकता है. समिति के तपन अग्रवाल ने कहा कि एयरपोर्ट लाऊंज बेहतर करने की ज़रुरत है
