
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने आयुक्त लोक शिक्षण को निर्देशित किया है कि 60 दिन के भीतर अर्जित अवकाश नगदीकरण पर हर हाल में निर्णय लें। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने स्पष्ट कहा है कि यदि याचिकाकर्ता पात्र है, तो उसे नियत समय पर भुगतान कर दें ताकि उसे पुन: हाईकोर्ट की शरण नहीं लेनी पड़े।
ग्वालियर निवासी सेवानिवृत्त व्याख्याता कप्तान सिंह दादोरिया की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार तिवारी एवं श्रीमती सुमित्रा तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता 3 सौ दिनों के अवकाश नगदीकरण का पात्र है। सरकार के 08 मार्च 2019 के सर्कुलर के अनुसार अर्जित अवकाश नगदीकरण का निर्धारित समय-सीमा में भुगतान करना आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने विभाग को इसके लिए अभ्यावेदन दिया था। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
