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भोपाल। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले में रेल संपर्क का सपना अब तेजी से साकार होता नजर आ रहा है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के अंतर्गत धार और गुणावद के बीच 18 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन में पटरी बिछाने का कार्य लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकांश हिस्सों में ट्रैक बिछ चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण के चलते कनेक्टिविटी अभी पूरी नहीं हो सकी है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जिन 6 से 7 स्थानों पर सड़क क्रॉसिंग हैं, वहां पुल निर्माण पूरा होते ही सतत पटरी बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इन अड़चनों के बावजूद रेलवे इस सेक्शन में अगले वर्ष मार्च तक ट्रायल रन की तैयारी कर रहा है।
परियोजना के तहत फिलहाल प्राथमिकता इंदौर से धार तक मजबूत रेल कनेक्टिविटी स्थापित करने पर है। इंदौर से पीथमपुर तक रेल कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जबकि टीही क्षेत्र में टनल निर्माण अंतिम दौर में है। साथ ही धार रेलवे स्टेशन भी तेजी से आकार ले रहा है। स्टेशन परिसर में यात्री प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था और प्लेटफार्म शेड लगाने जैसे कार्य तेज गति से चल रहे हैं।
रेलवे अधिकारी रानू जैन के अनुसार कुछ चुनिंदा स्थानों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है और परियोजना को तय समय सीमा में अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं। यह रेल परियोजना न सिर्फ धार जिले के विकास को नई गति देगी, बल्कि आदिवासी अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
