छतरपुर। जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला मामला सामने आया है। शराब के नशे में हंगामा करने और थाना प्रभारी को फोन पर गालियां देने वाले प्रधान आरक्षक मुकेश राजपूत को एसपी छतरपुर अगम जैन ने शनिवार देर रात निलंबित कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मुकेश राजपूत वर्तमान में पुलिस लाइन में पदस्थ हैं और उनकी ड्यूटी बड़ामलहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यायालय में लगी थी। उनके दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में वे फोन पर थाना प्रभारी को गालियां देते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में वे शराब के नशे में झूमते हुए बाइक स्टार्ट करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया गया है कि 8 और 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बैठक के दौरान जब वे खजुराहो आए थे, उसी समय बिजावर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ड्यूटी पर थे। इसी दौरान प्रधान आरक्षक ने शराब के नशे में हंगामा किया।
यह पूरा मामला शराब दुकान से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक मुकेश राजपूत शराब दुकान पर शराब लेने पहुंचे थे, जहां दुकानदार ने उन्हें शराब देने से इनकार कर दिया और थाना प्रभारी से शिकायत करने की बात कही। इससे नाराज होकर प्रधान आरक्षक ने थाना प्रभारी को फोन कर गालियां देना शुरू कर दिया।
शराब दुकान के कर्मचारियों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि लोग उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे बाइक लेकर वहां से चले जाते हैं।
मामले की शिकायत एसपी तक पहुंचने के बाद प्रधान आरक्षक की मेडिकल जांच (एमएलसी) कराई गई। जांच के बाद एसपी अगम जैन ने देर रात मुकेश राजपूत को निलंबित करने के आदेश जारी किए। पुलिस विभाग का कहना है कि मामले की विभागीय जांच भी की जा रही है।
