भोपाल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की वित्तीय स्थिति को “गंभीर और अभूतपूर्व आर्थिक संकट” बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रतिदिन लगभग 165 करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है और उससे भी चिंताजनक बात यह है कि पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी नए ऋण लिए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने “वित्तीय कुप्रबंधन” करार दिया।
पटवारी ने कहा कि सरकार अब तक 101 सार्वजनिक संपत्तियों को बेच चुकी है, जिससे लगभग 1,100 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इनमें राज्य से बाहर स्थित मूल्यवान संपत्तियाँ भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “मुंबई और केरल की कीमती जमीनों को चुपचाप नीलाम कर दिया गया, जो वित्तीय संकट की गंभीरता को दर्शाता है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि “बेतहाशा कर्ज लेने की यह नीति आने वाली पीढ़ियों पर भारी बोझ डालेगी। अभी इसके प्रभाव भले दिखाई न दें, लेकिन इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के लोगों के भविष्य पर पड़ेगा।”
