भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एफसीआई विभाग के कलर्क किशोर मीना की चार करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया है. मीना पर लगभग 4.05 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
ईड़ी की जांच के दौरान यह पता चला कि किशोर मीना ने अवैध धन में से 95 लाख रुपये एक बिल्डर को 24% वार्षिक ब्याज पर उधार दिए थे. बाद में, बिल्डर ने 95 लाख रुपये में से 27.50 लाख रुपये सीबीआई के पास जमा करा दिए. यह भी पता चला कि बिल्डर ने एचडीएफसी बैंक में किशोर मीना के खाते में 67.50 लाख रुपये जमा किए थे. निदेशालय ने 7 फरवरी, 2024 को बैंक खाते पर तुरंत रोक लगा दी.
आरोप है कि 23 अक्टूबर, 2024 को सीबीआई कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाया कि किशोर मीना ने लोक सेवक रहते हुए अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की थी, इसलिए ज़ब्ती आदेश जारी किया गया और आदेश दिया गया कि 3,29,49,140 रुपये (सीबीआई द्वारा किशोर मीना के निजी कब्जे से जब्त की गई राशि, जिसमें बिल्डर द्वारा जमा की गई 27.50 लाख रुपये भी शामिल हैं) और बिल्डर द्वारा एचडीएफसी बैंक में किशोर मीना के खाते में जमा किए गए 67.50 लाख रुपये भी जब्त कर लिए गए हैं. मामलें में 3 मार्च, 2025 को कोर्ट में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत किशोर मीना के विरुद्ध अभियोग शिकायत (पीसी) दर्ज की गई. 5 दिसंबर, 2025 को कोर्ट ने इसे संज्ञान में लिया. ईडी ने सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें तत्कालीन सहायक श्रेणी-प्रथम, संभागीय कार्यालय (डीओ) मीना की संपत्ति जब्त की गई है.
