
सारनी। 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल इकाई के लिए BHEL से ऐतिहासिक अनुबंध हुआ है।
सारनी सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (STPS) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की कैबिनेट द्वारा दी गई महत्वपूर्ण स्वीकृति के बाद 660 मेगावाट क्षमता की सुपर क्रिटिकल यूनिट क्रमांक–12 की स्थापना के लिए भेल (BHEL) के साथ बहुप्रतीक्षित अनुबंध संपन्न हो गया। यह परियोजना न सिर्फ क्षेत्र की बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार, विकास और बुनियादी ढाँचे में नई ऊर्जा का संचार भी करेगी।
इस बड़े अनुबंध के बाद सतपुड़ा ताप विद्युत गृह एक बार फिर मध्यप्रदेश के ऊर्जा मानचित्र पर एक सशक्त केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित नई सुपर क्रिटिकल इकाई कम ईंधन में अधिक बिजली उत्पादन करने में सक्षम होगी, जिससे पर्यावरणीय दबाव भी कम होगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को सारनी और आसपास के क्षेत्रों के लिए “विकास का नया दौर” बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा नगर की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि BHEL के साथ हुआ यह अनुबंध तकनीकी दृष्टि से अत्यंत मजबूत है और आने वाले वर्षों में प्रदेश की बिजली आवश्यकताओं को स्थिरता प्रदान करेगा।
स्थानीय नागरिकों में भी इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से बंद या सीमित क्षमताओं में चल रही इकाइयों के बीच यह नया प्लांट एक बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।सारनी क्षेत्र में विकास की संभावनाएँ इस परियोजना के साथ और प्रबल हुई हैं।
