नयी दिल्ली/ वाराणसी, 02 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी सहायता-राशि को सीधे जनता के खाते में भेजने के कार्यक्रमों की सफलता बनाये रखने के लिए लोगों से बैंकों के साथ अपने जनधन खातों का ‘केवाईसी’ अवश्य कराने की अपील की है।
श्री मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के दौरे में शानिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए बैंकों द्वारा इस संबंध में चलाए जा रहे विशेष अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘ केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आप सभी तक निरंतर पहुंचता रहे, इस दिशा में आज मुझे आपके साथ एक अहम जानकारी साझा करनी है।’ उन्होंने कहा कि केवाईसी में जनधन खाताधारकों की मदद के लिए पहली जुलाई से विशेष शिविर अभियान चलाया जा रहा और यह अभियान आगे भी चलेगा। प्रधामंत्री ने लोगों से इस मामले में सरकार की मदद करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘ यह अभियान आगे भी चलने वाला है। मैं हर ऐसे साथी, जिसका जनधन खाता है, उससे आग्रह करूंगा कि वो फिर से अपना केवासी (अपने ग्राहक को जानों की प्रक्रिया) जरूर करा लें।’
जनधन योजना के तहत देश में 55 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ जिनको बैंक के दरवाजे देखने का सौभाग्य नहीं मिला था, ऐसे 55 करोड़ लोगों के खाते खुले हैं, मोदी को जब से आपने काम करने का अवसर दिया है ना, मैं यह काम कर रहा था। अब इस योजना को हाल ही में 10 साल पूरे हुए हैं। अब बैंकिंग क्षेत्र का किुछ नियम है, नियम ये कहते हैं कि 10 साल बाद बैंक खातों का दोबारा से केवाईसी करना जरूरी होता है।”
श्री मोदी ने कहा कि इस काम के लिए व्यक्ति को बैंक जाना होता है पर उनके आग्रह पर बैंकों ने केवाईसी के लिए विशेष कैम्प लगाने का अभियान शुरू किया है। उन्होंने इसके लिए रिजर्व बैंक , सभी बैंकों , उनमें काम करने वाले सभी कर्मचारियों का अभिनंदन किया और कहा कि उनका यह काम गर्व पैदा करने वाला है।
उन्होंने कहा कि 55 करोड़ लोग अपना केवाईसी फिर आसानी से करा सकें इसके लिए “ बैंकों के लोग स्वयं हर ग्राम पंचायत तक पहुंच रहे हैं। वहां पर जाकर के मेला लगाते हैं। अब तक ऐसी करीब एक लाख ग्राम पंचायत में बैंक, अपने कैंप, अपना मेला लगा चुके हैं। ’
