होमगार्ड जवानों को बाढ़ आपदा ड्यूटी के लिए बना रहे दक्ष

शाजापुर, होमगार्ड नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन मप्र एवं महानिदेशक श्रीमती ऋचा श्रीवास्तव व कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन अध्यक्ष सुश्री ऋजु बाफना के निर्देशानुसार आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए जिले में 50 वर्ष तक की उम्र तक के होमगार्ड जवानों को बाढ़ आपदा ड्यूटी में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित एवं दक्ष बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में 29 जून से 5 जुलाई 2026 तक एक सप्ताह का प्रशिक्षण तैराकी प्रशिक्षण प्लाटून कमाण्डर सुश्री नम्रता सरावत एवं टीम द्वारा चीलर डेम शाजापुर पर चलाया जा रहा है.

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति में जान-माल की सुरक्षा हेतु होमगार्ड जवानों को दक्ष एवं आत्मनिर्भर बनाना है. प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन की प्रमुख जानकारियां प्रदान करना, बाढ़ पूर्व तैयारियां करवाना, चेतावनी तंत्र एवं राहत कार्य मे दक्षता, खोज एवं बचाव कार्य मे निपुणता, नाव संचालन, ओबीएम मोटर बोट चलाना, डूबते व्यक्ति को बचाना, रस्सी-गांठ बांधना, प्राथमिक चिकित्सा के तहत कृत्रिम श्वांस, घायलों को प्राथमिक उपचार एवं स्ट्रेचर का प्रयोग, राहत शिविर प्रबंधन अस्थायी शिविर लगाना, भोजन-पानी वितरण एवं भीड़ नियंत्रण, आधुनिक उपकरणों का प्रशिक्षण लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, इंफ्लेटेबल बोट एवं संचार उपकरणों का व्यावहारिक उपयोग करना सिखाया जा रहा है.

ब्रीथिंग एक्सरसाइज का अभ्यास कराया…

प्रशिक्षण के पहले दिन 29 जून को तैराकी प्रशिक्षण के दौरान टोईंग मेथड (चीन टो, हेड टो इत्यादि) ब्रीथिंग एक्सरसाईज आदि का अभ्यास कराया गया. लाईफ बॉय, लाईफ जैकेट एवं रस्से का उपयोग करते हुए बाढ़ के दौरान डूब क्षैत्र में फंसे लोगों को कैसे बचाया जा सकता है, इसका प्रशिक्षण एवं डूब क्षैत्रों में इम्प्रवाईस मेथड द्वारा बचाव साधन कैसे तैयार किए जा सकते हैं का प्रशिक्षण भी दिया गया है. सुबह के समय में अंडर वाटर रेस्क्यू की मैथर्डस का प्रशिक्षण चीलर डेम पर चल रहा है.

आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए जिले में विभिन्न डीआरसी, क्यूआरटी एवं ईओसी स्थापित की गई है, जिसमें सम्मिलित किए जवानों को रेस्क्यू के दौरान विक्टीम को सीपीआर देना, कैरी मेथड, प्राथमिक उपचार देना तथा रेस्क्यू में उपयोग होने वाले उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही कर दुर्घटना के समय लोगों को बिना जान-माल की हानि के बचाया जा सके. महानिदेशक का मुख्य उददेश्य बाढ़ आपदा के समय सभी जवानों को तैराकी प्रशिक्षण में कुशल करके आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके. उक्त प्रशिक्षण 5 जुलाई तक लगातार चलाया जाएगा.

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