सांची: हाल ही में सम्पत्र हुए बौद्ध वार्षिकोत्सव के बाद भी नगर में लगी अस्थायी दुकानों की रौनक कम नहीं हुई है. गर्म कपड़ों, बर्तनों, खिलौनों और रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री से सजी दुकानें अब भी नगरवासियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं.
दिन भर इन दुकानों पर नियमित खरीदारी होती रहती है, वहीं शाम ढलते ही विशेषकर महिलाओं की भीड़ अचानक बढ़ जाती है. बाजार का दृश्य देर रात तक ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी त्योहार का उत्सव अभी भी जारी हो.
लोग अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने में मशगूल हैं, वहीं दुकानदारों का कहना है कि वार्षिकोत्सव के बाद भी बिक्री में अच्छी तेजीबनी हुई है. कपड़ों की दुकानों पर गर्म वस्त्रों की मांग विशेष रूप से दिखाई दे रही है. भीड़ बढ़ने से मुख्य चौराहा काफी व्यस्त हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पर भी प्रभाव पड़ रहा है और लोगों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. वार्षिकोत्सव भले खत्म हो गया हो, लेकिन बाजार की रौनक अभी भी अपने चरम पर है.
