गुना: मयंक एवं राशि का विवाह समारोह शहर में चर्चा का विषय बना रहा। जहां अधिकांश शादियाँ ऐश्वर्य और दिखावे तक सीमित रहती हैं, वहीं इस दंपति ने अपने विवाह को सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करते हुए एक अनूठा संदेश दिया। विवाह के पूर्व किए गए प्री-वेडिंग शूट को इन दोनों ने सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा।
वे गुना के तीन स्थानों पर पहुंचे-साई दृष्टि स्कूल, जहां दृष्टिबाधित बच्चों से बातचीत की और उनके साथ भजन गाए। लायंस नेत्र चिकित्सालय, जहां मरीजों को फल वितरित कर नेत्रदान का संकल्प लिया। शहीद भगत सिंह पुस्तकालय, जहां बच्चों से अध्ययन एवं भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की। विवाह समारोह में शामिल हुए करीब
2500 अतिथियों को इन सभी पहल का वीडियो बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया।
साथ ही जल संरक्षण, रक्तदान और हेल्मेट की अनिवार्यता पर आधारित जागरूकता पोस्टर्स भी आकर्षण का केंद्र रहे। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए दंपति ने दहेज के रूप में किसी भी प्रकार की धनराशि लेने से इनकार कर मात्र 21 पौधे स्वीकार किए। बारातियों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को घटाने के उद्देश्य से सब्जी एवं किराना खरीदने के लिए कपड़े के बैग उपहार में दिए गए।
बारात में पटाखों का पूर्णतः उपयोग नहीं किया गया, जिससे वायु प्रदूषण से बचाव रहा। वहीं भोजन परोसने में पत्तों से बने दोने तथा रीयूजेबल क्रॉकरी का उपयोग कर कचरा एवं प्लास्टिक की मात्रा कम करने की पहल की गई। समाज में जागरूकता की दिशा में मयंक एवं राशि द्वारा किया गया यह प्रयास प्रशंसनीय बताया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों एवं अतिथियों ने भी इस पहल को सराहा और इसे प्रेरणा देने वाला कदम बताया।
