कोलकाता | पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना में बेहद रोमांचक और कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है। शुरुआती टेलीविज़न रुझानों के अनुसार, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच पल-पल बढ़त का अंतर बदल रहा है। दोनों ही प्रमुख दल फिलहाल 130-130 सीटों के आसपास बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे राज्य में त्रिशंकु विधानसभा या बेहद मामूली अंतर वाली जीत की संभावना बढ़ गई है। चुनाव आयोग के कड़े नियमों के बीच सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की गई, जिसके बाद ईवीएम के रुझानों ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो मालदा जिले में भाजपा छह सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी को चार सीटों पर बढ़त हासिल है। मालदा की मालतीपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मौसम नूर ने शुरुआती बढ़त बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वहीं, नंदीग्राम के हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहाँ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार हिंदू मतों की एकजुटता और मुस्लिम मतों के बिखराव का लाभ सीधे तौर पर भाजपा को मिल रहा है। अधिकारी का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के “सोनार बांग्ला” के विजन को जनता ने सराहा है, जिससे टीएमसी के वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी हुई है।
यह चुनाव मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक अग्निपरीक्षा माना जा रहा है, जो लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं। दूसरी ओर, वाम मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोपहर तक तस्वीर और साफ होगी, लेकिन मौजूदा रुझान बताते हैं कि पूर्वी भारत में भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है। यदि टीएमसी अपना दबदबा बनाए रखती है, तो यह ममता बनर्जी की संगठनात्मक शक्ति की बड़ी जीत होगी। फिलहाल, राज्य भर के मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और समर्थकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।

