इंदौर:आईडीए की मंगलवार को पहली जनसुनवाई में सीईओ की संवेदनशीलता से दो प्रकरणों का तुरंत निराकरण हो गया. पहली जनसुनवाई में कुल 17 आवेदन आए, जिसमें से एक प्रकरण में तुरंत फ्री होल्ड का ग्रीन पेपर जारी किया गया. दूसरे प्रकरण में आवेदक लीज नवीनीकरण के आदेश दिए है.आईडीए सभागृह में आज से सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने पहली जनसुनवाई शुरू की. जनसुनवाई में आवेदकों को सामने बिठाकर संवेदनशीलता के साथ समस्या पूछी. सीईओ झाड़े ने साथ ही सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी बैठाया, ताकि आवेदक के सामने ही फाइल की जानकारी लेकर गंभीरता से जवाब दे सके.
आज पहली जनसुनवाई में 17 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें लीज नवीनीकरण, नामांतरण, फ्री होल्ड, योजना में जमीन के प्लॉट नहीं मिलने, मुआवजा राशि से लेकर विकास कार्य नहीं करने के कारण प्लॉट विकसित नहीं जैसे मामले की शिकायत प्राप्त हुई. जनसुनवाई की खास बात यह थी कि सीईओ झाड़े ने बिना किसी संकोच के आवेदक को ससम्मान सामने कुर्सी पर बिठाकर आवेदन लिए, बल्कि प्रकरण की संबंधित अधिकारी से जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों से आवेदक के सामने समय सीमा भी पूछी कि कितने समय में निराकरण कर देंगे.
ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर रहे
जनसुनवाई के बाद सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण में 45 तरह के ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है. इसी तर्ज पर आईडीए में नए साल से 10-12 कार्यों की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की जा रही है. इससे आवेदक को उसकी फाइल की वास्तविक स्थिति मालूम पड़ जाएगी कि फाइल कहां है. अभी आवेदक को पता ही नहीं है कि उसकी फाइल किस विभाग या अधिकारी के पास पेंडिंग है. आज आवेदकों के सामने जनसुनवाई में अधिकारियों से समय तय किया है. समय पर कार्य नही किया तो संबंधित विभाग के अधिकारी पर कारवाई होगी.
जनता को जल्दी राहत देंगे
डॉ. झाड़े ने कहा हमारे सामने एक समस्या यह भी है कि आईडीए में 380 कर्मचारी और अधिकारियों का स्टॉफ है, लेकिन हम मात्र 139 कर्मचारियों से काम करवा रहे हैं. मेन पॉवर की कमी से जूझ रहे है और उसमे कई कार्य शासन की प्राथमिकता के होते है. पहले वो करना हमारी जिम्मेदारी है. फिर भी हम ऑनलाइन व्यवस्था से जनता को जल्दी राहत देंगे, जिससे परेशानी कम हो जाएगी.
