
ब्यावरा। कृषि मंडी में उपज लेकर आने वाले किसानों की सुविधा को देखते हुए मंडी बोर्ड द्वारा लाखों रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल पूर्व स्थानीय मंडी परिसर के पीछे वाले भाग में नीलामी कार्य हेतु पांच शेड का निर्माण करने के साथ ही सीसीकरण कार्य किया गया था. किंतु लाखों की लागत से बने शेड का फर्श उखडऩे के साथ ही इनकी दुर्दशा होने लगी है. उखड़े फर्श के कारण नीलामी के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा आवाजाही में जोखिम भी रहता है.
गौरतलब है कि स्थानीय कृषि उपज मंडी परिसर में करीब डेढ़ साल पूर्व पांच शेड बनाए गये. प्रत्येक शेड की कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जाती है. मंडी बोर्ड के द्वारा इनका निर्माण कराया गया. परन्तु वर्तमान में इनमें कई शेड के फर्श पर लगे कोटा स्टोन उखड़ गये है. कुछ माह में ही निर्माण कार्य की दुर्दशा से इनके निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे है.
ठोकर लगने का डर बना रहता
टीनशेड के फर्श पर लगाए गये कोटा स्टोन उखडऩा शुरु हो गये है, कई पत्थर तो यहां से गायब ही है. ऐसे में उखड़े फर्श पर आवाजाही के चलते ठोकरे लगती है. अनजाने में ठोकर लगने से चोटिल होने का डर बना रहता है.
सीसीकरण की जगह उड़ रही धूल
मंडी परिसर के पीछे वाले हिस्से में ही सीसीकरण भी कराया गया था. किंतु कुछ समय बाद ही सीसीकरण वाले स्थान पर धूल ही धूल उड़ रही है. एक नजर लगता ही नहीं है कि यहां पर कुछ माह पूर्व ही सीसीकरण का कार्य भी हुआ है. सीसीकरण वाली जगह मैदान में वाहनों के पहिए से चहुंऔर धूल ही धूल नजर आने लगती है.
