कोल्हापुर, 29 नवंबर (वार्ता) महाराष्ट्र में कोल्हापुर की एक अदालत ने स्वाभिमानी शेतकरी संगठन (एसएसएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी और उनके 80 कार्यकर्ताओं को वर्ष 2011 में इस जिले की शिरोली तहसील में गन्ना आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए गंभीर आरोपों से शनिवार को बरी कर दिया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कश्यप ने मामले की सुनवाई के बाद सभी 80 एसएसएस कार्यकर्ताओं और उनके नेता शेट्टी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 के तहत लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
एसएसएस नेता श्री शेट्टी ने 2011 में इस जिले के पुणे-बैंगलोर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिरोली में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य के लिए एक आंदोलन किया था। इस मामले में वहाँ तैनात पुलिस के लाठीचार्ज करने के कारण हुई भगदड़ में एक पुलिस कांस्टेबल की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने तब पुलिसकर्मी की मौत के लिए आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए थे।
श्री शेट्टी ने फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, आरोप लगाया कि तत्कालीन राज्य सरकार ने किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद से जानबूझकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में बरी होने से कार्यकर्ताओं को अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने की ताकत मिली है। उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
