नयी दिल्ली, 18 जुलाई (वार्ता) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ ने संकेत दिए हैं कि व्यापार-तनावों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त हुई है जिस वजह से वैश्विक विकास अनुमान में और कटौती की जा सकती है।
आईएमएफ ने इस साल अप्रैल में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य में कहा था कि साल 2025 में वैश्विक विकास दर 2.8 प्रतिशत रहने की संभावना है जबकि साल 2026 में यह तीन फीसदी रहेगी। ये अनुमान 3.7 प्रतिशत के ऐतिहासिक औसत से पहले ही काफी कम हैं। उसने नीतिगत अनिश्चितता, व्यापार-तनाव और मांग की सुस्ती को देखते हुए अमेरिका और चीन समेत कई देशों के विकास अनुमानों में कटौती की थी।
गीता गोपीनाथ ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के क्वाजुलु-नेटल में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की तीसरी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अप्रैल के बाद से आर्थिक संकेतक एक जटिल स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं जिसके केंद्र में व्यापार तनाव है। टैरिफ में वृद्धि से पहले ही हमने कुछ जवाबी प्रतिक्रिया देखी है और व्यापारिक रिश्तों में बदलाव आये हैं।
उन्होंने बताया कि जुलाई के अंत में विश्व आर्थिक परिदृश्य का अपडेट जारी किया जायेगा। इसमें विकास अनुमान में और कटौती की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि अभी अनिश्चितता काफी ज्यादा है।
गीता गोपीनाथ ने सरकारों को व्यापार-तनाव दूर करने और घरेलू असंतुलन के उपाय करने के लिए वृहद अर्थव्यवस्था की नीतियों को लागू करने की अपील की है। उन्होंने केंद्रीय बैंकों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रखने की भी वकालत की।
