
नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर, संविधान दिवस के अवसर पर भारत के नागरिकों को एक भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने 1949 में संविधान को अपनाने और देश की तरक्की में इसकी अहम भूमिका को याद किया। पीएम मोदी ने अपने व्यक्तिगत सम्मान को साझा करते हुए कहा कि “मुझ जैसे व्यक्ति को पीएम बना दिया, ये संविधान की ताकत है।” उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी।
duty कर्तव्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह
पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे देश के ‘विकसित भारत’ के विजन की ओर बढ़ते हुए अपने कर्तव्यों को सबसे पहले अपने दिमाग में रखें। उन्होंने संविधान के आर्टिकल 51 ‘ए’ में बताए गए कर्तव्यों की अहमियत पर जोर दिया और महात्मा गांधी के इस विश्वास को याद किया कि अधिकार, कर्तव्यों को निभाने से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्यों को पूरा करना ही सामाजिक और आर्थिक तरक्की की नींव है।
लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील
भविष्य को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से वोट के अधिकार का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज 18 साल के होने पर पहली बार वोट देने वालों का सम्मान करके संविधान दिवस मनाएं, और देश के नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने का वादा फिर से करने का आग्रह किया।
