
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 22 वां दीक्षांत समारोह शनिवार को संपन्न हुआ। समारोह में कुल 1600 विद्यार्थियों को विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में डीजीपी कैलाश मकवाना शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने सभी विधार्थियों को उनके अग्रिम भविष्य के लिए शुभकाममायें दी साथ ही संस्थान में सेंटर ऑफ पब्लिक सेफ्टी के स्थापना के लिए कार्यवाही किए जाने की घोषणा भी की है l समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर टी जी सिताराम उपस्थित रहे, जिन्होंने दीक्षांत भाषण देकर विद्यार्थियों को उनके पेशेवर जीवन में उत्कृष्टता और नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जी वर्नोवा टी एंड डी इंडिया लिमिटेड के सीईओ संदीप जांजरिया भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन प्रोफेसर अरविंद ए नतु ने की, जबकि संस्थान के निदेशक प्रोफेसर करुणेश कुमार शुक्ल और रजिस्ट्रार गौरव द्विवेदी पूरे आयोजन की जिम्मेदारी संभालते नजर आए। सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अकादमिक शोभायात्रा, सरस्वती वंदना और पुष्पगुच्छ से स्वागत के बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन ने समारोह के उद्घाटन की घोषणा की। इसके बाद संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और निदेशक ने स्वागत भाषण दिया। दोपहर में दीक्षांत समारोह का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। पहले पीएचडी उपाधियां प्रदान की गईं, इसके बाद मास्टर्स और बैचलर्स की डिग्रियों का वितरण हुआ। इस अवसर पर शैक्षणिक पदक पाने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर विशेष चमकसाफ दिख रही थी। छात्रों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए और दीक्षांत स्मारिका का विमोचन भी किया गया। छात्रों और अध्यापकों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के प्रेरक संबोधन के बाद डीन अकादमिक ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ मुख्य समारोह सम्पन्न हुआ और शोभायात्रा ने स्थल से प्रस्थान किया।
1600 विधार्थियों को मिली डिग्रियां
बी टेक पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक 230 छात्रों को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की डिग्री दी गई। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 199, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 130 और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 166 छात्रों को उपाधि दी गई । वहीं सिविल इंजीनियरिंग में 107 और केमिकल इंजीनियरिंग में 73 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इसके अतिरक्त स्नातकोत्तर में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी में 219 छात्रों को उपाधि मिली। मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन के 108 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में 23 और मास्टर ऑफ प्लानिंग में 17 छात्रों को डिग्री दी गई। साथ ही विज्ञान संकाय में रसायन विषय में 21 और भौतिक विज्ञान में 14 छात्रों को उपाधि मिली। साथ ही पीएचडी में 72 शोधार्थियों को डिग्री दी गई।
मैंने एमप्लान अर्बन प्लानिंग विषय में अपनी थीसिस पूरी की है इसमें मुझे गोल्ड मेडल मिला है. मेरे गाइडर डॉ अल्का भरत और डॉ राहुल तिवारी रहे हैं जिन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया है. मेरी थीसिस का जो विषय है वह भविष्य में भोपाल की लैंड पर बनने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर की वैल्यू को बताने में हेल्प करेगा। कि आने वाले समय में किस जमीन पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना कितना मंहगा और सस्ता होगा।
जान्हवी तिवारी, डिपार्टमेंट ऑफ़ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग
मैं बहुत खुश हूं कि मैं इस संस्थान का हिस्सा हूं. एमटेक डिजिटल कम्युनिकेसन विषय में पढ़ाई पूरी की है और आज मुझे गोल्ड मेडल मिला है. हमेशा से सोचा था यूं ही डिग्री नहीं लेनी है मेहनत करनी है और नाम की छाप छोड़नी है। वो कुछ हद तक हो रहा है कोशिश रहेगी कि आगे जिस संस्थान में भी काम करूं, मेरी मेहनत से मेरे काम और नाम की झलक बनती रहे।
शालिनी पांडेय, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन
बहुत ही ज्यादा खुशी हो रही है. यह मेरे लिए बड़ा अवसर है. सेकंड ईयर गर्ल्स स्टूडेंट टॉपर, फर्स्ट ईयर गर्ल स्टूडेंट टॉपर, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनयरिंग और ओवरऑल गर्ल मेरिट के लिए मुझे गोल्ड मेडल से सम्म्मानित किया गया है. सालों की मेहनत और रेगुलर क्लास में प्रेजेंट रहना अपडेट रहना, हमेशा अपने डाउट्स पूछती रहती थी। इन्हीं सब कोशिश को मिलाकर आज एक बेहतर रिजल्ट मुझे मिला है। चार गोल्ड मेडल पाकर बहुत ही खुश हूं और अभी तो शुरू किया है। बहुत कुछ सीखते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करूंगी। फैकल्टी के सहयोग और गाइडेंस ने मुझे संवारने में बहुत मदद की है।
सुहानी बत्रा, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनयरिंग
