नई दिल्ली, 11 नवम्बर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए देश के बड़े अर्थशास्त्रियों के साथ पहली प्री-बजट चर्चा की। इस बैठक में मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन सहित आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह चर्चाएं व्यापार में आसानी बढ़ाने और टैक्स कटौती का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर केंद्रित हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट-पूर्व चर्चा की अध्यक्षता की। बैठक में डीईए के सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार के अलावा डीईए के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सरकार आने वाले बजट के लिए इनपुट जुटाने हेतु इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षकारों के साथ लगातार बैठकें कर रही है।
इंडस्ट्री के सुझाव और सकारात्मक दृष्टिकोण
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अधिकारियों ने राजस्व सचिव से मुलाकात के बाद बताया कि बैठक में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर पर बातचीत हुई। इंडस्ट्री बॉडी की ओर से मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम (एमएसएमई) की लिक्विडिटी की समस्या को दूर करने के लिए सरकार को सुझाव दिए गए हैं। प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार का दृष्टिकोण काफी सकारात्मक है और वह नए कानूनों को अंतिम मील तक लागू करने की समस्याओं को सुन रही है।

