
जबलपुर। वन विभाग को अब वन्य प्राणियों के शिकार करने वाले पारधी गिरोह की तलाश हैं।दरअसल पिपरिया वन परिक्षेत्र जबलपुर में तेंदुए की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में है। देवरी गांव में एक बंद कमरे की सर्चिंग के दौरान हथियारों का जखीरा और जाल, खाल, समेत अन्य सामान जब्त करने के बाद अब शिकारियों की तलाश की जा रही हैं। संभावना यहां तक जाहिर की जा रही है कि वन्यजीव का शिकार करने के लिए यह हथियार रखे गए थे यहां तक की पूर्व में आसपास के क्षेत्र में जिन वन जीव के शिकार हुए इसके तार भी इसी से जुड़ रहे है और जिस मकान से हथियार मिले वहां पारधी गिरोह रह रहा था।
विदित हो कि शनिवार को समाधि रोड से लगे जबलपुर-मंडला की बॉर्डर पर शनिवार को झाड़ियों में एक मादा तेंदुआ मिला था। तेंदुए का शव के पिछले पैरों का कटा गया था। जांच में यह बात सामने आयी कि तेंदुए को करंट लगाकर मारा गया था। पीएम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि भी हो गई। देवरी गांव के जिन मकानों में तलाशी ली गई, वहां बाघ की मूंछ के बाल, नाखून, तीन से चार हिरण की खालें, तेंदुए के पंजे व कई अंग भी जब्त किए गए हैं। गांव वालों से की गई पूछताछ में पता चला कि बंद पड़े मकान पारधी गिरोह के सदस्यों के हैं।
