रीवा:जिला पंचायत रीवा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करने की कीमत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 2 के कार्यपालन यंत्री को चुकानी पड़ रही है. दरअसल कार्यपालन यंत्री एस.बी रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें वह जिला पंचायत के भ्रष्टाचार की समस्या को बता रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दी.
कार्यपालन यंत्री श्री रावत ने पंचायत स्तर पर फैले भ्रष्टाचार और लंबित फाइलो की स्थित को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे. कई ऐसे मामले है जिसकी जांच श्री रावत को मिली है लेकिन बार-बार पत्राचार करने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नही कराए जा रहे है. उदाहरण के तौर पर नईगढ़ी जनप पंचायत के ग्राम पंचायत बदौआ में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिये तीन स्मरण पत्र लिखे जा चुके है पर आज तक दस्तावेज जनपद सीईओ द्वारा उपलब्ध नही कराए गए.
हाल ही में चौथा स्मरण पत्र 11 सितम्बर को कार्यपालन यंत्री ने लिखा है. नोटिस को लेकर सवाल उठना लाजमी है. स्थानीय जनप्रतिनिधियो और ग्रामीणो का कहना है कि सच बोलना भ्रष्टाचार को उजागर करना कही न कही अब अपराध हो गया है. सैकड़ो शिकायते धूल फांक रही हैं जिन पर कार्यवाही नही हो रही है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह की नोटिस कहीं ध्यान भटकाने की कोशिश तो नही है.
नोटिस देने के बजाय जो बात सामने आई है उसकी जांच होनी चाहिये कि इस तरह की पीड़ा एक कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारी ने आखिर क्यो व्यक्त की. वायरल वीडियो में जिस तरह से दुख व्यक्त कार्यपालन यंत्री कर रहे है अगर उसकी गोपनीय जांच हो तो जिला पंचायत से लेकर जनपद पंचायतो में जिस तरह से स्थितियां बनी है सच्चाई बाहर आ सकती है. चार पत्र लिखने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध न कराना बड़ा मामला है.
