धनुष आज भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों में गिने जाते हैं। अभिनय के साथ उन्होंने गायन, निर्देशन और निर्माण में भी सफलता हासिल की। जन्मदिन पर जानिए उनके संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी।
मुंबई, साउथ एक्टर धनुष का जन्म 28 जुलाई 1983 को हुआ था। धनुष आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। धनुष ने तमिल सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाई। अभिनेता, गायक, गीतकार, लेखक, निर्देशक और निर्माता के रूप में उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
धनुष का असली नाम वेंकटेश प्रभु कस्तूरी राजा है। उनका जन्म तमिलनाडु में निर्देशक और निर्माता कस्तूरी राजा के घर हुआ। दिलचस्प बात यह है कि बचपन में उनका सपना अभिनेता बनने का नहीं, बल्कि शेफ बनने का था। हालांकि, पिता और बड़े भाई, निर्देशक सेल्वाराघवन के कहने पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
कोलावेरी डी ने बना दिया ग्लोबल स्टार
साल 2002 में उन्होंने फिल्म ‘तुल्लुवधो इलमई’ से अपने करियर की शुरुआत की। पहली ही फिल्म में उनके अभिनय को सराहा गया। धनुष के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साल 2011 में आया, जब फिल्म ‘3’ का गाना ‘व्हाई दिस कोलावेरी डी’ रिलीज हुआ। इस गाने को धनुष ने खुद लिखा और अपनी आवाज भी दी। रिलीज होते ही यह गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और दुनियाभर में लोकप्रियता हासिल की। इस एक गाने ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी।
बॉलीवुड और हॉलीवुड में भी बिखेरा अभिनय का जादू
साल 2013 में निर्देशक आनंद एल राय की फिल्म रांझणा से धनुष ने बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म में कुंदन के किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने शमिताभ और अतरंगी रे जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया। धनुष ने हॉलीवुड में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ द फकीर और नेटफ्लिक्स की एक्शन फिल्म द ग्रे मैन में अभिनय कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कलाकारों का मान बढ़ाया।
राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित शानदार करियर
धनुष केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कई सुपरहिट तमिल गीत लिखे और गाए। धनुष को फिल्म आडुकलम और असुरन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा निर्माता के रूप में काका मुत्तई और विशारनाई जैसी फिल्मों को भी राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। धनुष ने हर मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
