नयी दिल्ली, 24 नवंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फरार करोड़पति मेहुल चोकसी से जुड़े मुंबई के बोरीवली स्थित परियोजना ‘तत्त्व’ के चार फ्लैटों को एक लिक्विडेटर को सौंप दिया है।
संपत्तियों को बेचा जाएगा और प्राप्त धनराशि बैंकों तथा अन्य लोगों को लौटा दी जाएगी, जिन्होंने शिकायत की थी कि फरार हीरा व्यापारी की कंपनियों ने उनका पैसा वापस नहीं किया।
ईडी के एक अधिकारी ने कहा, “संपत्तियों की बहाली के लिए ईडी के चल रहे प्रयासों के दौरान, मुंबई जोनल कार्यालय ने परियोजना तत्व, ऊर्जा-ए विंग, बोरीवली (पूर्व), मुंबई में चार फ्लैटों को सौंपने में मदद की है। मेहुल चोकसी मामले (पीएनबी धोखाधड़ी) में कुर्क की गई इन संपत्तियों को पीड़ितों, सुरक्षित लेनदारों और अन्य वैध दावेदारों के लाभ के लिए मुद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक लिक्विडेटर को हस्तांतरित किया गया है।”
अधिकारी ने कहा, “अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित अचल और चल संपत्तियां, जिनका सामूहिक मूल्य 310 करोड़ रुपये है, गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के लिक्विडेटर को सौंप दी गई हैं।”
ईडी की जांच के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच चोकसी ने अपने सहयोगियों और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और विदेशी क्रेडिट लेटर प्राप्त करने की साजिश रची।
इससे पीएनबी को 6,097.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से भी ऋण लिया था जिसे बाद में चुकाने में उसने चूक की।
जांच के दौरान, ईडी ने पूरे भारत में 136 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली और गीतांजलि समूह से संबंधित 597.75 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती वस्तुएं और आभूषण जब्त किए।
इसके अलावा, भारत और विदेशों में संपत्तियां, वाहन, बैंक खाते, कारखाने और शेयर सहित 1,968.15 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की गईं।
कुल मिलाकर, इस मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क या ज़ब्त की गई, और तीन अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई। पीड़ित बैंकों को संपत्तियों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए, ईडी और बैंकों ने संपत्ति मुद्रीकरण की दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं।
वे एकमत होकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दायर करने पर सहमत हुए। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश दिया कि वह गीतांजलि समूह की कंपनियों के बैंकों और लिक्विडेटरों को कुर्क की गई संपत्तियों के मूल्यांकन और नीलामी में मदद करे।
नीलामी से प्राप्त राशि को पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक में सावधि जमा के रूप में जमा किया जाएगा। शेष संपत्तियां न्यायालय के आदेशानुसार लिक्विडेटर और बैंकों को सौंपी जा रही हैं।
