मुंबई, फिल्म ‘धमाल 4’ की अभिनेत्री अंजलि आनंद ने बॉलीवुड में प्लस-साइज कलाकारों के साथ होने वाले भेदभाव पर बेबाकी से अपनी बात रखी है। अंजलि ने खुलासा किया कि अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेल बॉटम’ में उन्हें उनके अभिनय कौशल के बजाय सिर्फ उनके शारीरिक वजन के कारण कास्ट किया गया था। अभिनेत्री के अनुसार, फिल्म में उनके किरदार का एकमात्र उद्देश्य एक आतंकवादी का उन पर गिरना था, जिसे अंजलि ने एक कलाकार के रूप में बेहद अपमानजनक और दुखद अनुभव बताया है।
इंडस्ट्री के दोहरे मानकों पर तंज
अंजलि ने बॉलीवुड के संकुचित नजरिए पर निशाना साधते हुए कहा कि यहाँ कलाकारों को उनके टैलेंट से नहीं, बल्कि शरीर के आकार से तौला जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंडस्ट्री के आलोचक इतने क्रूर हैं कि दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय जैसी शीर्ष अभिनेत्रियां भी कभी उनके तय पैमानों पर खरी नहीं उतरीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज अभिनेताओं को भी अपने शुरुआती दौर में शारीरिक लुक्स को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी थी।
टाइपकास्ट होने का नया डर
‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ फिल्म में अपने सशक्त अभिनय के जरिए अंजलि ने बॉडी शेमिंग के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठाई थी। हालाँकि, इस प्रशंसा के बावजूद उन्हें अब एक नए डर का सामना करना पड़ रहा है। अभिनेत्री को चिंता है कि बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी फिल्म मेकर्स उन्हें केवल प्लस-साइज के खास किरदारों के लिए ही ‘टाइपकास्ट’ कर देंगे। अंजलि का यह बयान इंडस्ट्री की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जहाँ एक कलाकार की पहचान उसके हुनर से ज्यादा उसके शारीरिक बनावट से तय की जाती है।

