इजराइल क्यों कर रहा है ड्रूज लोगों की सुरक्षा? सीरिया पर हवाई हमले: जानें कौन हैं ये रहस्यमयी समुदाय और इजराइल से उनका खास रिश्ता

सीरियाई संघर्ष के बीच ड्रूज समुदाय पर हमले, इजराइल का हस्तक्षेप; भू-रणनीतिक हित और ‘खून के रिश्ते’ का समीकरण

नई दिल्ली, 18 जुलाई, 2025 – हाल ही में इजराइल द्वारा सीरिया पर किए गए हवाई हमलों ने एक बार फिर मध्य-पूर्व के जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य को सुर्खियों में ला दिया है। इन हमलों का एक मुख्य कारण सीरिया में स्थित ड्रूज (Druze) अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा बताया जा रहा है, जिन पर हाल ही में हिंसक हमले हुए हैं। यह सवाल उठ रहा है कि इजराइल इस समुदाय की सुरक्षा में इतनी सक्रियता क्यों दिखा रहा है, और कौन हैं ये ड्रूज लोग जिनका इजराइल से इतना गहरा संबंध है?

ड्रूज एक अनूठा और गोपनीयता पसंद जातीय-धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है, जो मुख्य रूप से सीरिया, लेबनान और इजराइल में फैला हुआ है। उनका धर्म 10वीं शताब्दी में शिया इस्लाम की एक शाखा, इस्माइली धर्म से निकला है, लेकिन इसमें हिंदू धर्म के कुछ पहलू, प्राचीन यूनानी दर्शन और ग्नोस्टिसिज्म (Gnosticism) भी शामिल हैं। वे पुनर्जन्म में विश्वास रखते हैं और इस्लाम, ईसाई धर्म तथा यहूदी धर्म के पारंपरिक शख्सियतों को भी सम्मान देते हैं। ड्रूज समुदाय अपने कठोर धार्मिक नियमों और अन्य समुदायों के साथ विवाह न करने के लिए जाना जाता है, जिससे उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी है। सीरिया में, लगभग 1 मिलियन ड्रूज रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 3% हैं, और वे मुख्य रूप से दक्षिणी सुवैदा प्रांत में केंद्रित हैं।

इजराइल के साथ ‘खून का रिश्ता’ और रणनीतिक महत्व: Golan Heights और सीमा सुरक्षा का सवाल

इजराइल में लगभग 1.5 लाख ड्रूज नागरिक रहते हैं, और उनका इजराइली राज्य के साथ एक अनोखा और मजबूत रिश्ता है, जिसे अक्सर “खून का रिश्ता” (Blood Covenant) कहा जाता है। अन्य अरब नागरिकों के विपरीत, इजराइल में ड्रूज पुरुषों के लिए इजराइली सेना (IDF) में अनिवार्य सैन्य सेवा है। वे वफादारी के साथ इजराइल के लिए लड़ते हैं और सैन्य तथा सुरक्षा बलों में उच्च पदों पर भी पहुंचे हैं। इजराइली ड्रूज का मानना है कि चूंकि वे इजराइल राज्य की रक्षा करते हैं, इसलिए इजराइल की भी जिम्मेदारी है कि वह सीमा पार अपने ड्रूज भाइयों की रक्षा करे, जिनसे उनके पारिवारिक और धार्मिक संबंध हैं।

सीरिया में चल रहे संघर्ष, विशेषकर असद शासन के पतन और नए इस्लामी नेतृत्व के उदय के बाद, ड्रूज जैसे अल्पसंख्यक समुदायों को हाशिए पर धकेले जाने का डर सता रहा है। सीरियाई सरकारी बलों और बेदूइन जनजातियों द्वारा सुवैदा में ड्रूज नागरिकों पर हुए कथित हमलों ने इस डर को और बढ़ा दिया है। इजराइल के लिए, सीरियाई ड्रूज की सुरक्षा न केवल एक नैतिक दायित्व है बल्कि एक रणनीतिक हित भी है। इजराइल, अपनी सीमाओं के पास इस्लामी ताकतों की मौजूदगी को लेकर सतर्क है, और वह दक्षिणी सीरिया, विशेष रूप से इजराइल-अधिकृत गोलान हाइट्स के पास, एक विसैन्यीकृत क्षेत्र (demilitarized zone) बनाए रखना चाहता है। ड्रूज समुदाय को कमजोर होने से बचाना इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कमजोर सीमावर्ती समुदाय hostile ताकतों के लिए आसान लक्ष्य बन सकते हैं। इजराइल का मानना है कि ड्रूज की रक्षा करके, वह अपने गोलान हाइट्स और अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

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