इंदौर: वर्ष 2025 में ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार लोगों के लिए क्राइम ब्रांच राहत की वजह बनी है. अब तक 12 करोड़ 61 लाख से अधिक की ठगी गई राशि पीड़ितों को वापस कराई जा चुकी है. पुलिस की तुरंत और तकनीकी कार्रवाई ने न सिर्फ रकम रिकवर कराई, बल्कि सायबर अपराधियों की गतिविधियों पर भी लगाम लगाई है.
एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों ने जनवरी से अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन ठगी के 4500 से अधिक मामलों पर कार्रवाई की.
इन प्रयासों के तहत अब तक 12,61,18,340 की राशि विभिन्न पीड़ितों को वापस कराई गई है. हर माह औसतन सैकड़ों आवेदकों को राहत मिल रही है. इस अवधि में करीब 1500 से ज्यादा फर्जी बैंक खातों को फ्रीज कराया, 200 से अधिक हैक किए गए सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि रिकवर कराए गए, जबकि 250 से अधिक फर्जी अकाउंट जो लोगों की फोटो और नाम से बनाए गए थे ब्लॉक कराए हैं.
जनवरी से अक्टूबर 2025 तक रिकवर की गई राशि का माहवार विवरण भी सामने आया है, जनवरी में 70.32 लाख, फरवरी में 81.95 लाख, मार्च में 60.10 लाख, अप्रैल में 61.54 लाख, मई में 1.73 करोड़, जून में 1.86 करोड़, जुलाई में 1.78 करोड़, अगस्त में 1.49 करोड़, सितंबर में 1.68 करोड़ और अक्टूबर में 1.30 करोड़ की राशि वापस कराई. दंडोतिया का कहना है कि सबसे अधिक शिकायतें ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड टास्क, ट्रेडिंग आदि, बैंक अधिकारी बनकर केव्हायसी अपडेट या रिवॉर्ड प्वाइंट के नाम पर ठगी, तथा सेक्सटॉर्शन और रोमांस स्कैम से संबंधित रही हैं.
इस दौरान पुलिस ने जहां सायबर जागरूकता अभियान के तहत लाखों लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए हैं. वहीं आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज से सावधान रहें और जरूरत पड़ने पर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के चैटबॉट का उपयोग कर सायबर सुरक्षा की जानकारी अवश्य प्राप्त करें
