सीहोर। प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते जिला मुख्यालय के भोपाली फाटक पर संचालित होने वाली शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला के प्रांगण को लोगों ने वाहनों का पार्किंग स्थल बना डाला है. आलम यह है कि स्कूल भवन के ठीक सामने तक वाहनों को पार्क किया गया है, जिसकी वजह से बच्चों व स्टाफ को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों पर अतिक्रमण का साया बना हुआ है. धीरे-धीरे स्कूलों की जमीन को अतिक्रमण निगलता जा रहा है. जिला मुख्यालय पर ही ऐसे अनेक शासकीय स्कूल हैं जिनकी जमीन पर स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण किए जा चुके हैं. प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा इस ओर अनदेखी किए जाने से स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा ही एक स्कूल शहर के भोपाली फाटक पर अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है. गन्ना विकास प्राधिकरण के प्रांगण में संचालित हो रही इस शाला भवन के परिसर में एक- दो नहीं दर्जनों छोटे बड़े वाहनों का स्थायी जमावड़ा हो गया है.
स्कूल परिसर मेंशाला भवन के ठीक सामने इस तरीके से वाहन खड़े किए गए हैं कि अंदर जाने में छोटे बच्चों और शिक्षकों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. सूत्रों की मानें तो शिक्षकों द्वारा लोगों से यहां अपने वाहन खड़े करने को मना किया जाता है तो वह उन्हें धमकाने से भी बाज नहीं आते. इस परिस्थिति में शिक्षक विशेषकर महिला शिक्षिकाएं भयभीत रहते हैं और वाहनों की पार्किंग को देख मन मसोसकर रह जाते हैं. बताया जाता है कि कई वाहन तो यहां महीनों से खड़े हैं जिसकी वजह से बच्चे परिसर में खेल भी नहीं पाते. जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान न जाना आश्चर्यजनक लगता है. शायद बड़ी अनहोनी का इंतजार है.
