इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप किसानों को उनकी सोयाबीन उपज का उचित दाम दिलाने के लिए आज से राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है. पहले ही दिन इस योजना के प्रति किसानों का भारी उत्साह सामने आया. बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुँचे. मंडियों में उत्सवी माहौल में इस योजना की शुरूआत की गई. अपनी उपज लाने वाले किसानों का तिलक लगाकर और पुष्पमाला पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया. किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर लागू योजना को किसान हितैषी बताया और सराहना की.
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, कलेक्टार शिवम वर्मा, विधायक मधु वर्मा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण लक्ष्मीबाई मंडी पहुँचे. इस दौरान अपर कलेक्टर पंवार नवजीवन विजय, रोशन राय भी मौजूद थे. मंत्री सिलावट तथा कलेक्टर ने मंडी में आने वाले किसानों का तिलक लगाकर और पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने किसानों से चर्चा भी की। उन्होंने किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं को जायजा लिया.
इस अवसर पर बोली लगाकर उपज खरीदी की शुरूआत की गई. सर्वाधिक बोली 4775 रुपये की रही. कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जिले में किसानों के लिए सभी जरूरी इंतजाम मंडियों में किए गए है. ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो. मंडियों में किसानों की उपज की समय पर तुलवाई, समय पर भुगतान, बैठने के लिए छायादार स्थान, शयन, भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. खरीदी केन्द्रों पर सोयाबीन खरीदी का कार्य 15 जनवरी 2026 तक चलेगा.
योजना और व्यवस्था की सराहना
अपनी उपज लाने वाले रतनखेड़ी के किसान कृष्णा जाधव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस योजना की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों के हित की है. मंडी में बेहतर व्यवस्था की गई है. हमें बेहतर दाम मिल गए हैं. भावांतर योजना का लाभ भी मिलेगा. ऐसे ही कुछ विचार सनावदिया में रहने वाले किसान उमेश घनश्याम, बसान्द्रा के अमन ने भी व्यक्त किये. इन सबने भावांतर योजना को किसान हितैषी बताया. उन्होंने बताया कि मंडी में बेहतर व्यवस्था है. हमारी उपज की समय पर ब्रिकी हो गई. किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
