
भोपाल: मध्यप्रदेश में गोवंश की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे राज्य सरकार के गौ संरक्षण और कल्याण के खोखले दावे उजागर हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने कहा कि जब प्रदेश अभूतपूर्व गोवंश संकट से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री धार्मिक दिखावे के रूप में गोवर्धन पूजा जैसे आयोजनों में व्यस्त हैं, ताकि जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाया जा सके।
डॉ. चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गौ संरक्षण को केवल चुनावी लाभ का माध्यम बना चुकी है, जबकि राज्य में गोवंश तस्करी, हत्या और गौशालाओं की बदहाल स्थिति पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। अप्रैल 2025 में बांसवाड़ा-रतलाम बॉर्डर पर 70 से अधिक ट्रकों में गोवंश की तस्करी पकड़ी गई थी, जिन पर कथित रूप से पुलिस एस्कॉर्ट था — यह सरकार की मिलीभगत का संकेत देता है। छतरपुर, डूंगरपुर और बड़वानी से भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें स्थानीय पुलिस की संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि गोवंश संवर्धन एवं संरक्षण अधिनियम 2024 के तहत सात वर्ष की सजा का प्रावधान तो है, लेकिन उसका क्रियान्वयन न के बराबर है। वर्ष 2025 की पशु गणना के अनुसार, राज्य में पिछले पांच वर्षों में गोवंश की संख्या में 43.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अनेक गौशालाएं भ्रष्टाचार और लापरवाही का केंद्र बन चुकी हैं।
डॉ. चौधरी ने बीफ पर शून्य प्रतिशत जीएसटी लगाने के भाजपा सरकार के निर्णय को “एक क्रूर मजाक” बताया, जो “भक्ति के नाम पर हत्या को बढ़ावा देता है।” उन्होंने मांग की कि गोवंश तस्करी और हत्या की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाए, गौशालाओं के अनुदान का ऑडिट कराया जाए, और बीफ पर जीएसटी छूट तत्काल वापस ली जाए।
उन्होंने कहा, “भाजपा गोमाता की पूजा वोटों के लिए करती है, लेकिन असल में उन्हें भगवान भरोसे छोड़ देती है।” कांग्रेस, उन्होंने कहा, सच्चे अर्थों में पशु कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रतिबद्ध है।
