जबलपुर: मैहर के सरकारी स्कूल व तालाब की जमीन पर अतिक्रमण के मामले को हाईकोर्ट ने सख्ती से लिया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने कलेक्टर मैहर, निवाड़ी एसडीओं, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।दरअसल यह जनहित का मामला सतना निवासी सेवानिवृत्त शासकीय शिक्षक परमेश्वर दीन पांडे की ओर से दायर किया गया है।
जिनकी ओर से कहा गया कि ग्राम लतागांव तहसील मैहर स्थित शासकीय मिडिल स्कूल परिसर एवं उससे लगे तालाब की भूमि पर हुए अतिक्रमण काबिज हैं। दलील दी गई कि खसरा नंबर 1770, 1771 एवं 1773 की शासकीय भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध झोपडिय़ां व दुकानें बना ली हैं। यहां शराब सेवन, नशीले पदार्थों की बिक्री एवं अन्य आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इससे स्कूल का वातावरण दूषित हो रहा है तथा ग्रामीणों को तालाब के पानी के उपयोग से वंचित किया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाएं एवं स्कूली बच्चें प्रभावित हो रहे हैं। याचिकाकर्ता ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को कई बार शिकायतें की, कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
