इंदौर:प्रतिबंध के बावजूद शहर में चाइना डोर की बिक्री थम नहीं रही है. कल शाम अलग-अलग इलाकों में दो लोगों को इसकी वजह से गंभीर चोटें आईं. पिछले रविवार को एक छात्र की जान चली गई थी, लेकिन हालात अब भी जस के तस हैं. दोनों घायलों का इलाज एमवाय अस्पताल में किया जा रहा है.एमवाय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में हाथीपाला के पास 30 वर्षीय रेहान पुत्र मकबूल खान बाइक से घर जा रहे थे.
जैसे ही वे आगे बढ़े, अचानक चाइना डोर उनके गले से टकरा गई. धारदार डोर से गहरी चोट आई और तेज रक्तस्राव शुरू हो गया. राहगीरों ने उन्हें संभाला और तुरंत एमवाय अस्पताल पहुंचाया. परिजनों ने पुलिस को बताया कि रेहान लोहे की पेटियां बनाने का काम करता हैं और काम निपटाकर घर आ रहा था तभी हादसा हुआ. इसी तरह दूसरी घटना खजराना क्षेत्र के रोबोट चौराहे पर हुई.
देवास जिले के सतवास में रहने वाला 27 वर्षीय जीवन पिता शिव यहां पैदल पैदल जा रहा था इसी दौरान उसके पैर में चाइना डोर उलझ गई. डोर की तेज तार से उसका अंगूठा कट गया और खून बहने लगा. आसपास के लोगों ने उसे पहले रेवा अस्पताल और फिर एमवाय भेजा, जहां उसका इलाज किया गया. इन दोनों घटनाओं ने फिर साबित किया है कि प्रतिबंधित चाइना डोर शहर में खुलेआम बिक रही है और प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं दिख रही. शहर में लगातार हो रहे हादसे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर प्रतिबंध के बाद भी यह जानलेवा डोर बाजार में कैसे पहुंच रही है और पुलिस-प्रशासन इसे रोकने में नाकाम क्यों है, दोनों ही मामलों में पुलिस जांच कर रही है.
