
सागर। मध्य प्रदेश के सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने संभाग के कृषि, सहकारिता, बैंकिंग और विपणन से जुड़े विभिन्न विभागों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। बैठक में कमिश्नर ने खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाजार में उपलब्ध कृषि सामग्री की निरंतर सैंपलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन डीलरों के नमूने लगातार अमानक पाए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध महज खानापूर्ति करने के बजाय सीधे लाइसेंस निरस्त करने की सख्त कार्यवाही की जाए और अमानक सामग्री की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए।
बैठक के दौरान वित्तीय स्थिति और राजस्व वसूली को लेकर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) द्वारा ऋण वसूली में लक्ष्य के विरुद्ध अत्यधिक कम प्रगति पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शीघ्र वसूली के कड़े निर्देश दिए। इसी कड़ी में उन्होंने बीज प्रमाणीकरण (सीड सर्टिफिकेशन) की धीमी गति को देखते हुए भौतिक सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा। मंडी बोर्ड की समीक्षा करते हुए उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कुछ जिलों में फसलों की आवक बढ़ने के बावजूद मंडी की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। इस विसंगति को दूर करने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फसलों की आय की गहन समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
