
सीधी । पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस स्मृति दिवस पर भावपूर्ण एवं गरिमामय परेड का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उन समस्त वीर शहीदों के प्रति राष्ट्र की श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित रहा, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर अदम्य साहस व समर्पण का परिचय दिया।पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत वर्ष 21 अक्टूबर 1960 से उस वीरता की स्मृति में की गई थी, जब लद्दाख में गश्त के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 वीर जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।उसी अमर शौर्य को नमन करते हुए प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्ष अर्धसैनिक बल एवं पुलिस बल के कुल 191 वीर शहीदों की नामावली का वाचन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव द्वारा सम्मानपूर्वक किया गया। इसके उपरांत उपस्थित अधिकारियों, जवानों एवं नागरिकों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति नमन किया गया तथा पुलिस बल द्वारा वीरगति प्राप्त जवानों को सलामी दी गई। तत्पश्चात शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।इसके उपरांत कार्यक्रम में उपस्थित सांसद राजेश मिश्रा, विधायक श्रीमती रीती पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार एवं जिला पुलिस सीधी के द्वारा संयुक्त रूप से वीर शहीदों के परिजनों का साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस भावपूर्ण क्षण ने कार्यक्रम के वातावरण में गौरव एवं भावनाओं का संगम प्रस्तुत किया।
शौर्यगाथा को जन-जन के हृदय में संजोने का संकल्प-
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि शहीदों की वीरता राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उनका बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस गरिमामयी परेड में परेड कमांडर का दायित्व होमगार्ड प्लाटून कमांडर मयंक तिवारी द्वारा कुशलतापूर्वक निभाया गया। इस अवसर पर होमगार्ड कमांडेंट एल. बी. कोल, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा, एसडीओपी चुरहट/कुसमी आशुतोष द्विवेदी, पत्रकार बंधुगण, शहीद परिजन, गणमान्य नागरिक, सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों सहित पुलिस स्टाफ की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन एवं नेतृत्व-
यह सम्पूर्ण आयोजन पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं रक्षित निरीक्षक वीरेंद्र कुमरे के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन एवं आयोजन दायित्व भी रक्षित निरीक्षक वीरेंद्र कुमरे द्वारा प्रभावी रूप से निर्वहन किया गया।
