
देवास। नवरात्रि समापन पर शुक्रवार को शहर में दुर्गा प्रतिमाओं का ऐतिहासिक विसर्जन चल समारोह बड़ी धूमधाम के साथ निकला। चल समारोह की शुरुआत दोपहर एक बजे टेकरी सीढ़ी द्वार पर मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के मुखोटे पूजन के साथ हुई। यहां से रथ सयाजी द्वार पहुंचा, जहां से चल समारोह विधिवत प्रारंभ हुआ।
चल समारोह में शहर सहित आसपास क्षेत्रों से आई 103 प्रतिमाएं शामिल हुईं। हजारों श्रद्धालु माता को विदाई देने पहुंचे। शाम करीब छह बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक हुई वर्षा से स्वागत मंचों और भंडारों में अव्यवस्था हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह बरकरार रहा। बारिश थमते ही चल समारोह देर रात तक चलता रहा।
इस दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने आकर्षक करतब दिखाए और युवा ढोल की थाप पर झूमते नजर आए। जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा मंच सजाए गए थे, जहां प्रसादी स्वरूप हलवा, पुड़ी, आलूबड़े, परवल आदि का वितरण किया गया। चल समारोह सयाजी द्वार से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एबी रोड तक पहुंचा और वहां से प्रतिमाओं का विसर्जन कालूखेड़ी तालाब में विधिविधान के साथ किया गया।
डीजे की आवाज से लोग हुए परेशान
शांति समिति की बैठकों में बार-बार तय होने के बावजूद इस बार भी डीजे की तेज आवाज पर अंकुश नहीं लग सका। सयाजी द्वार से नावेल्टी चौराहा तक अधिकांश स्वागत मंचों पर अत्यधिक ध्वनि में डीजे बजते रहे। इससे आसपास के क्षेत्रवासी, विशेषकर हृदय रोगी, घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाने मजबूर हुए। इसी दौरान डीजे की धुन पर नृत्य कर रहे एक युवक को चक्कर आकर गिर पड़ा। अफवाह उड़ी कि युवक को अटैक आया है, हालांकि बाद में उसका स्वास्थ्य ठीक बताया गया।
विवाद में 4 युवक घायल
चल समारोह के दौरान माता प्रतिमा को आगे-पीछे निकालने को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि लाठी और तलवारें चल गईं। इसमें लोकेश जैन, आकाश ठाकुर, अभिषेक राठौर और शुभम बालोद गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस की व्यवस्था
चल समारोह को देखते हुए पुलिस ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विभिन्न चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। बावजूद इसके डीजे की आवाज नियंत्रित करने में प्रशासन सफल नहीं हो सका।
