
नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने 2023 में महाराष्ट्र के अकोला में हुए दंगों के मामले की जांच के लिए गुरुवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने इस संबंध में आदेश पारित करते हुए कहा कि एसआईटी में हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए जाएंगे।
पीठ ने दंगों के दौरान एक हत्या मामले के चश्मदीद गवाह होने का दावा करने वाले मोहम्मद अफजल मोहम्मद शरीफ की विशेष पर अनुमति याचिका यह फैसला सुनाया।
शीर्ष अदालत ने अपना यह फैसला सुनाते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि एक बार जब कोई व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहन लेता है, तो उसे सभी प्रकार के पूर्वाग्रहों (धर्म, जाति आदि पर आधारित) से ऊपर उठकर कानून के अनुसार अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
याचिकाकर्ता का दावा है कि दंगों के दौरान उस पर भी हमला किया गया था। उन्होंने इस मामले में विशेष जांच दल के गठन की मांग करते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने अपनी बात कहने के लिए उचित समय सीमा में पुलिस अधिकारियों से संपर्क नहीं किया था।
