मुंबई, 02 सितंबर 2025 : मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान को खाली करने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार द्वारा उन्हें मैदान खाली करने के लिए भेजे गए नोटिस का जवाब देते हुए जरांगे ने कहा कि जब तक मराठा समाज को आरक्षण की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे और उनके समर्थक मुंबई में डटे रहेंगे। जरांगे ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्हें जबरन हटाया गया, तो वे और भी बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे। यह खबर ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र सरकार मराठा आरक्षण को लेकर लगातार दबाव में है।
सरकार और जरांगे के बीच गतिरोध
सरकार ने जरांगे को यह नोटिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए भेजा था। नोटिस में कहा गया है कि आंदोलनकारियों की बढ़ती संख्या से यातायात और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। हालांकि, जरांगे ने इसे सरकार की दबाव बनाने की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। जरांगे ने यह भी कहा कि अगर सरकार सचमुच मराठा समाज को आरक्षण देना चाहती है, तो उन्हें तुरंत एक अध्यादेश लाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार है, तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
आगे की रणनीति और जनसमर्थन
मनोज जरांगे ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे मजबूत रहें और सरकार के किसी भी दबाव में न आएं। उन्होंने बताया कि उनकी अगली रणनीति पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि मराठा समाज अब आरक्षण के बिना वापस नहीं जाएगा। आजाद मैदान में बड़ी संख्या में मराठा प्रदर्शनकारी मौजूद हैं, जिन्होंने जरांगे के इस फैसले का समर्थन किया है। इस घटनाक्रम से राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और सभी की निगाहें अब सरकार और जरांगे के अगले कदम पर टिकी हैं।

