नयी दिल्ली 30 अगस्त (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उन्होंने क्यूएफएक्स ट्रेड फॉरेक्स घोटाला मामले में आरोपियों, एजेंटों और उनके परिवार के सदस्यों की 9.31 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। यह घोटाला नवाब उर्फ लवीश चौधरी द्वारा राजेंद्र कुमार सूद और अन्य के मिलकर अंजाम दिया था।
ईडी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 26 अगस्त को यह आदेश जारी किया गया है। कुर्की की गई संपत्तियों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में स्थित आवासीय फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि सहित 45 अचल संपत्तियां के साथ-साथ बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी के अधिकारियों ने कहा, “ जांच से पता चला है कि ये संपत्तियाँ 2019 से 2025 के बीच घोटाले की अवधि के दौरान कई बैंक खातों के माध्यम से धन शोधन की गयीं और मुख्य आरोपी के करीबी रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर भेजी गयीं।”
प्रधान लेखा कार्यालय ( पीएओ) में विस्तृत कार्यप्रणाली एक विशिष्ट पोंजी-सह-एमएलएम योजना को दर्शाती है, जहाँ निवेशकों के धन को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया और अंततः अचल संपत्ति और पारिवारिक संपत्तियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस नेटवर्क ने विदेशी मुद्रा व्यापार के माध्यम से पांच से छह प्रतिशत की उच्च मासिक रिर्टन का लालच देकर निवेशकों को आकर्षित किया और ठगी कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की थी।
यह अवैध राशि क्यूएफएक्स समूह की संस्थाओं, जैसे क्यूएफएक्स डिजिटल सर्विसेज़, क्यूएफएक्स एजुकेशन, अटलांचर स्पोर्ट्स एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, आदि के कई बैंक खातों में वितरित की गयी और फिर इन खातों से अभियुक्तों उनके परिवार के सदस्यों और एजेंटों, जैसे केवल किशन, दिनेश कुमार चोपड़ा, चमन लाल, साजिद अली, राशिद अली आदि के खातों में धनराशि स्थानांतरित कर दी गयी ।
ईडी अधिकारी ने कहा, “क्यूएफएक्स समूह के खिलाफ हिमाचल प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (प्रतिबंध) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कई मामले दर्ज हैं।”
अधिकारियों ने कहा, “वर्तमान में पीएओ ने इस प्रकार 9.31 करोड़ रुपये मूल्य की समूह की आपराधिक आय पर एक और कार्रवाई की है। इसमें से 8.20 करोड़ रुपये 27 एकड़ से अधिक की 45 अचल संपत्तियों और 1.10 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों से संबंधित हैं।”
कुर्क की गई संपत्तियों में 45 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें आवासीय फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि हैं। ये संपत्तियां उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में फैली हुई हैं। इसके अलावा, बैंक बैलेंस भी शामिल है जिसे अपराध की आय से अर्जित किया गया। जांच में सामने आया कि 2019 से 2025 के बीच अपराध की रकम कई बैंक खातों से घुमाकर इन संपत्तियों में निवेश की गई।
