उज्जैन: सिंधिया घराने की ऐतिहासिक इमारत जिसका उपयोग जिला प्रशासन के कार्यालय लगाने में किया जाता था, वहां अब स्मार्ट सिटी द्वारा वीर भारत संग्रहालय निर्मित किया जा रहा है. रात दिन कार्य चल रहा है और सिंहस्थ के पहले यह बड़ी सौगात मिल जाएगी.नवभारत से चर्चा में उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा एक नया प्रयास किया जा रहा है. शहर के कोठी कार्यालय परिसर में वीर भारत संग्रहालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और यह कार्य तेजी से प्रगति पर है.
इतिहासकारों और महापुरुषों की प्रतिमाएं
महापुरुषों और इतिहासकारों की प्रतिमाएँ स्थापित की जाएंगी, जिन्होंने उज्जैन और भारत की ऐतिहासिक यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया. प्राचीन सिक्कों और दुर्लभ वस्तुओं का संग्रहण रखा जाएगा, जो उज्जैन के गौरवशाली अतीत और वैभवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करेगा.
प्रदर्शनी भी लगेगी
संग्रहालय में इतिहास और संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनी भी समय-समय पर आयोजित की जाएगी, ताकि आम नागरिक और पर्यटक दोनों इससे जुड़ सकें.
उज्जैन का वैभव झलकेगा
संग्रहालय का उद्देश्य न केवल वस्तुओं का प्रदर्शन करना है, बल्कि उज्जैन के ऐतिहासिक वैभव को एक साथ प्रस्तुत करना भी है. माना जा रहा है कि यहां आने वाला हर आगंतुक प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक उज्जैन की यात्रा को महसूस कर सकेगा.
पर्यटकों और नागरिकों के लिए आकर्षण
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह संग्रहालय आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला जाएगा. शहर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक यहां आकर उज्जैन के इतिहास से रूबरू होंगे. स्थानीय नागरिकों को भी यह स्थान शिक्षा और जागरूकता का केंद्र बनेगा.
200 वर्ष पुरानी कोठी
सिंधिया रियासत के जमाने के पूर्व की ये कोठी है जिसे लगभग 200 साल पुरानी बताया जा रहा है. वर्ष पुराना कोठी पैलेस अब नए स्वरूप में दिखाई देगा. जर्जर हो रहे भवन में संधारण, रंगाई-पुताई, आकर्षक लाइटिंग के साथ इसके पुराने स्ट्रख्र को बदला जा रहा है. इसके लिए 29 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके संवरने पर यहां वीर भारत संग्रहालय आकार लेगा. इसकी समयसीमा 18 माह रखी गई है. 30 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इसका भूमि पूजन किया था
