हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है दिल्ली सरकार : रेखा

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

श्रीमती गुप्ता ने आज लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय में हरित परिवहन की पहल को बढ़ावा देने के इलेक्ट्रिक बसों को रिबन काटकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ जुड़ना ही प्रगति है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है। स्कूलों को ईवी बसें उपलब्ध कराना सरकार की प्रदूषण के खिलाफ एक प्रभावी पहल है। इसका उद्देश्य है कि स्कूली बच्चें प्रदूषण रहित बसों में यात्रा करें और मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें।

इस अवसर पर उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना ने कहा है कि दिल्ली आज सुरक्षित हाथों में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मात्र छह महीने में दिल्ली की हवा बदलने की दिशा में जो कार्य शुरू किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दो से तीन वर्षों में दिल्ली में ऐसे अद्भुत परिवर्तन दिखाई देंगे, जिनकी प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी। विद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1200 छात्रों का आवागमन होगा, जिससे निजी वाहनों का बोझ सड़कों से कम होगा। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी। उन्होंने कहा कि यदि सभी स्कूल और कॉलेज इस प्रकार की पहल करें, तो प्रदूषण की समस्या का बहुत हद तक समाधान हो सकता है।

मुख्यमंत्री कहा कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण कदम है। प्रदूषण कम करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उपराज्यपाल की पहल पर सरकार पहले ही कूड़े के पहाड़ हटाने, धूल नियंत्रण, वृक्षारोपण और यमुना तट-विकास जैसे कई प्रयास कर रही है। अब स्कूली बसों को इलेक्ट्रिक मोड पर परिवर्तित करना इस दिशा में एक निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि निजी एवं सरकारी स्कूलों की डीजल-सीएनजी बसें भी प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं और यदि सभी स्कूल इन्हें इलेक्ट्रिक में बदलें तो राजधानी की हवा और अधिक स्वच्छ होगी।

उन्होंने कहा कि अब दिल्ली की रगों में प्रदूषण नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा बहेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दिल्ली सरकार सभी स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़े प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगी, ताकि बच्चे प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझें और जीवनभर इन मूल्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का अर्थ आज यह नहीं है कि केवल देश के लिए मरना पड़े, बल्कि हर नागरिक को प्रतिदिन यह सोचकर कार्य करना होगा कि वह अपने शहर व देश को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बनाने में कितना योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा , “ हमारे पास देश के लिए जीने और उसे आगे बढ़ाने का हर दिन अवसर है। जिस प्रकार इस विद्यालय ने इलेक्ट्रिक बसों को अपनी परिवहन फ्लीट में शामिल किया है, यह पहल न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होगी बल्कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी।”

 

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