
भोपाल: कांग्रेस पार्टी ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों का ब्यौरा पार्टी के डिजिटल ऐप पर अपलोड करें। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस के महासचिव (संगठन) संजय कमले ने बुधवार को इस संवाददाता से बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को नई दिल्ली में जिला अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गदर्शन देंगे और संगठनात्मक रणनीतियां साझा करेंगे। इसके अलावा समय-समय पर ज़ूम मीटिंग आयोजित की जाएगी, जिनमें वरिष्ठ नेता अध्यक्षों को सलाह और सुझाव देंगे।
कामले ने कहा कि जिला अध्यक्षों के कामकाज का पहला मूल्यांकन तीन माह बाद तथा दूसरा मूल्यांकन छह माह बाद किया जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि संबंधित अध्यक्ष अपने पद पर बने रहेंगे या नहीं। उन्होंने कहा, “पार्टी अब परिणाम और जवाबदेही चाहती है। इसलिए हर जिला अध्यक्ष को अपने काम का रिकॉर्ड रखना होगा, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना होगा और क्षेत्रीय गतिविधियों की पूरी जानकारी रखनी होगी।”
महासचिव ने बताया कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर असंतोष के स्वर भी पार्टी नेतृत्व की नज़र में हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर नाराज़गी जताते हुए पोस्ट किए थे। कुछ ने बाद में अपनी पोस्ट हटा ली, लेकिन कई अब भी हटाने को तैयार नहीं हैं। ऐसे मामलों में पार्टी नेतृत्व अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
इस क्रम में उन्होंने पूर्व पार्षद मोनू सक्सेना का उल्लेख किया, जिन्होंने हाल ही में घोषित भोपाल जिला अध्यक्ष पर आपत्ति जताई थी। सक्सेना को पार्टी ने सुझाव दिया है कि वे अपनी नाराज़गी सोशल मीडिया पर प्रकट करने की बजाय संगठनात्मक स्तर पर रखें और आवश्यकता पड़ने पर लिखित रूप से हाईकमान को अवगत कराएं।
कामले ने कहा कि यह डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम संगठनात्मक पारदर्शिता और निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “यह आधुनिक ढांचे की ओर बढ़ने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास है। जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता साबित करनी होगी।”
यह कदम कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत व्यापक सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावी चुनौतियों से पहले जमीनी नेतृत्व को सक्रिय और मजबूत करना है। डिजिटल जवाबदेही और नियमित मूल्यांकन से पार्टी को उम्मीद है कि जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचा और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
