
भोपाल।शहर के हथाईखेड़ा में मछली परिवार की 3 दशक पहले बनी इस कोठी को बनाया था. तीन मंजिला बनीं इस कोठी में 30 से ज्यादा कमरे थे. इसके साथ ही कोठी में ही गैरेज, पार्क के साथ ही झूला घर भी बनाया गया था. पूरा निर्माण सरकारी जमीन पर ही किया गया था. जिसकी जानकारी भी अधिकांश लोगों को नहीं थी. स्थानीय लोगों के अनुसार इस कोठी पर कई रईसों का आना-जाना पहले से ही बना था. ईलाके में बनी कोठी दूर से ही दिखाई पड़ती थी. जहां से मछली परिवार की गतिविधियां भी चलती थी, जिसकी भनक भी सालों तक किसी को नहीं थी. लव जिहाद और ड्रग्स के मामले का खुलासा होने के बाद से ही इस परिवार की परत दर परत खुलती गई.
मछली परिवार भी इस कोठी को बचाने के लिए सभी तरह को कोशिशें कर चुका था. कोर्ट में इस मामले में सुनवाई के दौरान परिवार ने कोई भी कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे. इससे पहले प्रशासन ने इस परिवार द्वारा संचालित फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, कारखाना, मदरसा, वेयर हाउस सहित 100 करोड़ की जमीन को खाली कराया है.
प्रशासन की अब तक की कार्रवाई
1. शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस खसरा नंबर 55 शासकीय भूमि में स्थित एवं संलग्न अतिक्रमित कृषि भूमि कुल 40 एकड़ वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य कुल 55 करोड़
2. शारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट पर वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता जिसकी अनुमानित बाजारू कीमत 10 करोड़
3. शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर लगभग 2 एकड़ में वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता जिसकी अनुमानित बाजारू मूल्य लगभग 5 करोड़
4. इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि 1 एकड़ में एवं संलग्न अतिक्रमण की गई 3 एकड़ शासकीय भूमि वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता जिसकी अनुमानित बाजारू मूल्य लगभग 10 करोड़
5. अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा एवं अवैध दुकान निर्माण लगभग 1 एकड़ में वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता जिसकी कुल अनुमानित बाजार मूल्य 5 करोड़
6. शरीक पिता शरीफ अहमद द्वारा अवैध बकरा और मुर्गी फार्म 5 एकड़ शासकीय भूमि में एवं स्टोर रूम जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य 8 करोड़
7. शारिक अहमद उर्फ मछली ,सोहेल अहमद ,शफीक अहमद तीनों के पिता शरीफ अहमद तीन मंजिल कोठी शासकीय भूमि पर निवासी वार्ड नंबर 62, अनंतपुरा कोकता जिसके आसपास 1 एकड़ की भूमि से बाउंड्री और अवैध स्टोर रूम ,झूला को हटाया गया एवं अवैध मकान को शासन के अधिपत्य में लिया गया जिसकी कुल अनुमानित कीमत 10 करोड़
