अमेरिकी आयात शुल्क: स्टालिन ने व्यापार पर संकट को लेकर मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

चेन्नई 16 अगस्त (वार्ता) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने अमेरिका के भारतीय वस्तुओं पर लगाये गये 50 प्रतिशत आयात शुल्क से प्रदेश के व्यापार पर आये संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप करने और इससे निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का शनिवार को आग्रह किया।

श्री स्टालिन ने कहा कि अमेरिका को निर्यात होने वाली कुल वस्तुओं में से 31 प्रतिशत का निर्यात तमिलनाडु से होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार पर इस बढ़ती निर्भरता का स्पष्ट अर्थ है कि आयात शुल्क का प्रभाव अन्य अधिकतर भारतीय राज्यों की तुलना में तमिलनाडु पर कहीं अधिक होगा।

संबंधित मंत्रालयों और उद्योग हितधारकों के परामर्श के बाद श्री मोदी को लिखे एक अर्ध-सरकारी पत्र में श्री मोदी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है और इस व्यापार संकट से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपायों को लागू करने में तमिलनाडु के पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया गया है। पत्र की प्रतियां यहां मीडिया को जारी की गयीं।

श्री स्टालिन ने भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक रूप से एक लाभकारी व्यापार समझौता करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत की स्थिति का पूर्ण समर्थन करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता के विषय की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि भारत को आयात शुल्क के 50 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका के कारण इसके गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में भारत ने 433.6 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात किया था। इसमें 20 प्रतिशत निर्यात अमेरिका को किया गया था। तमिलनाडु ने कुल 52.1 अरब डॉलर की वस्तुओं के निर्यात किया था जिसमें 31 प्रतिशत अमेरिका को किया गया था।

उन्होंने कहा, “ अमेरिकी बाज़ार पर इस बढ़ती निर्भरता का साफ़ मतलब है कि तमिलनाडु पर आयात शुल्क का असर ज़्यादातर अन्य भारतीय राज्यों की तुलना में कहीं ज़्यादा होगा।” उन्होंने कहा कि इस टैरिफ़ का तमिलनाडु के विनिर्माण क्षेत्र और रोज़गार परिदृश्य पर गहरा असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र कपड़ा, परिधान, मशीनरी, ऑटो घटक, रत्न और आभूषण, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद और रसायन हैं।

श्री स्टालिन ने बताया कि इससे भी ज़्यादा चिंता की बात यह है कि ये सभी क्षेत्र श्रम-प्रधान हैं, जहां निर्यात में किसी भी तरह की मंदी जल्द ही बड़े पैमाने पर छंटनी का कारण बनेगी।

 

Next Post

उत्तरी-पश्चिमी पाकिस्तान में बारिश से 225 लोगों की मौत

Sat Aug 16 , 2025
इस्लामाबाद, 16 अगस्त (वार्ता) पाकिस्तान के उत्तरी-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश से संबंधित अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 225 लोग मारे गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून को मानसून की शुरुआत के बाद […]

You May Like